जल संरक्षण
जल संरक्षण
दीपक कुमार जाँगिड़
वर्तमान समय में यदि मनुष्य को किसी वस्तु कि अत्यधिक आवश्यकता है तो वो है "जल "। परंतु हमारा दुर्भाग्य तो देखो कि पृथ्वी का तीन चौथाई भाग पानी से घिरा होने के बावजूद केवल 3% पनी पीने योग्य है बाकी का 97% पानी खारा अथवा नमकीन है जिसे पिया नहीं जा सकता है। भारत मे पानी का प्रमुख स्रोत भूजल, नदी, तालाब, बाबड़ियाँ आदि है। वर्तमान समय मे नदी, तालाब, बाबड़ियाँ आदि के अस्वच्छ और खंडित हो जाने तथा घर-घर में बोरिंग होने के कारण भूजल स्तर मे भी गिरावट आई है। इन सभी समस्याओं का केवल एक ही समाधान है जल संरक्षण और पौधा रोपण है।
आज के इस ब्लॉग मे हम जल संरक्षण के बारे में जानेंगे
जल संरक्षण आज के समय कि एक महत्त्वपूर्ण आवश्यकता बन गई है। इसके बिना जीवन कि कल्पना करना संभव नहीं है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रति वर्ष 22 मार्च को विश्व जल संरक्षण दिवस मनाया जाता है। जल संरक्षण कई प्रकार से किया जा सकता है। कुछ प्रमुख तरीके निम्न प्रकार है:
- स्थानिक स्तर पर पानी का उपयोग करें: पानी का संपादन करने के बजाय आपको स्थानिक स्तर पर पानी का उपयोग करना चाहिए। यह मानव और पर्यावरण दोनों के लिए उपयोगी होगा। आपको पानी को बचाने के लिए नल को बंद करने, लीकेज़ को मरम्मत करने और अतिरिक्त पानी का पुनर्निर्माण करने का प्रयास करना चाहिए।
- वर्षा जल का संचयन करें: वर्षा जल को संचयित करके आप उसे बाद में उपयोग कर सकते हैं। आप छतरी संचय, तालाबों, भूसंचार वन और अंतरिक्षों को इस उद्देश्य के लिए उपयोग कर सकते हैं। आज के समय में मकान बनाते समय ही वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए आवश्यक civil कार्य करवाना चाहिए।
- वाशबेसिन का उपयोग: वाशबेसिन का उपयोग करते समय हमें आवश्यकता के समय ही नल खोलना चाहिए। इस प्रकार हम व्यर्थ बहने वाले पानी कि मात्रा मे कमी ला सकते हैं। वाशबेसिन में सेंसेर वाले नल का इस्तमाल करना चाहिए।
- स्वच्छ जल उपयोग करें: आपको स्वच्छता को बनाए रखना चाहिए ताकि उपयोग किया जा रहा पानी स्वच्छ हो और पुनर्निर्माण के लिए उपयोगी हो सके। इसका मतलब है कि आपको नहाने, पकाने, पीने और साफ-सफाई करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाला पानी का उपयोग करना चाहिए।
- निजी वृक्षारोपण करें: आप निजी वृक्षारोपण करके जल संरक्षण में योगदान कर सकते हैं। वृक्ष जल संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे वर्षा को संचयित करते हैं और जल प्रदान करते हैं।
- जल संयंत्र और संयंत्रों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करें: औद्योगिक क्षेत्रों में जल संयंत्रों और संयंत्रों के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। यह जल प्रदान, उपयोग और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
- बिजली का उपयोग कम करें: घर अथवा कमरे में किसी के उपस्थित नहीं होने पर बिजली उपकरणों को बंद कर दें क्योंकि बिजली के निर्माण मे जल का उपयोग होता है और यदि हम बिजली का कम से कम उपयोग करते है तो जल कि भी बचत होगी।
- तालब, बाबड़ीयों का पुनरुद्धार: तालाब,बाबड़ियों कि देख रेख करनी चाहिए। आवश्यकता होने पर उनकी मरम्मत करनी चाहिए और वर्षा के आने से पूर्व उनकी सफाई करनी चाहिए । इस प्रकार उनमे एकत्रित जल उपयोगी होता है।
ये कुछ मुख्य उपाय हैं जो जल संरक्षण के लिए अपनाए जा सकते हैं। इसके अलावा, जल संरक्षण के महत्व को प्रचारित कर सकते हैं और अपने समुदाय को जल संरक्षण के बारे में जागरूक कर सकते हैं। साथ ही, हम सभी को संघर्ष करना चाहिए कि हम व्यक्तिगत स्तर पर भी जल संरक्षण के सिद्धांतों को अपनाएं और उदाहरण स्थापित करें।

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